मानसून के दौरान सड़को पर गढ्ढों को भरने के लिए नई तकनीक हुई फेल, दोबारा निविदा!
- by admin
- Jul 25, 2023
मुंबई, मनपा प्रशासन ने मानसून के दौरान सड़को पर बनने वाले गढ्ढों को भरने के लिए दो नई तकनीकी रीएक्टिव अस्फाल्ट और रैपिड हार्डनिंग लाई थी। इन दोनो कंपनियों ने दावा किया था कि बारिश के दौरान भी गढ्ढे भरे जा सकेंगे और गढ्ढे भरने के 6 घंटे बाद इस पर से वाहनों का आवागामन शुरू हो सकेगा। बारिश के दौरान सड़क की खस्ता हाल और गढ्ढे नही भरे जाने से मनपा प्रशासन की छिछालेदर होने लगी है। मनपा प्रशासन अब परेशान होकर अपनी पुरानी तकनीकी मासटिक तकनीकी से गढ्ढे भरने का निर्णय लिया है।सड़को पर बने गढ्ढों और मनपा द्वारा मानसून के दौरान नई तकनीकी पर किए जाने वाले प्रयोग को लेकर विपक्षी पार्टियों ने मनपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।मनपा विरोधी पक्ष नेता रविराजा ने आरोप लगाया कि मनपा अधिकारी हर साल नई कंपनी लाकर खुद की कमाई करते है मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों की मुंबई की जनता की चिंता ही नहीं है ।सबसे बुरा हाल जनता और स्थानीय नेताओं का होता है जिन्हे रोजाना जनता का सुनने के लिए सामने आना पड़ता है।
बता दे कि मनपा प्रशासन ने मानसून पूर्व बड़े ही गाजे बाजे के साथ मानसून के दौरान सड़को पर बनने वाले गढ्ढों को लेकर ठेकेदारों को टेंडर दिया था। मनपा ने 125 करोड़ का ठेका सिर्फ गढ्ढों को भरने के लिए ठेका दिया था। मनपा ने पहली बार गढ्ढे भरने के लिए दो नई तकनीकी लाई थी जिसका नाम है रिएक्टिव अस्फाल्ट और रैपिड हार्डिनिंग। मनपा ने दोनो ही कंपनियों को 125 करोड़ रुपए का ठेका गढ्ढे भरने के लिए दिया था। मनपा ने रिएक्टिव अस्फाल्ट को 45 करोड़ का ठेका दिया था रिएक्टिव अस्फाल्ट आसट्रीया की पेटेंट कंपनी है। जबकि रैपिड हार्डिनिंग 81 करोड़ का ठेका दिया था। दोनो ही कंपनियों ने दावा किया था कि बारिश के दौरान इस तकनीकी से सड़क पर बने गढ्ढों को भरा जाएगा और मात्र 6 घंटो में सड़क पर वाहनों के यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। अभी एक माह से भी कम दिन हुआ मानसून आए।सड़को पर गढ्ढे ही गढ्ढे बने हुए है। गढ्ढों को लेकर वाहन चालकों की हो रही परेशानी से वाहन चालकों को दो चार होना पड रहा है लेकिन नई तकनीकी से भरे गए गढ्ढे दोबारा उखड जा रहे है जिससे मनपा अधिकारियों का बुरा हाल हो रहा है। मनपा प्रशासन ने मास्टीक तकनीक से गढ्ढों को भरने का निर्णय लिया है।

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