एसआरए डिफॉल्ट डेवलपर्स के खिलाफ सख्त, ६५० करोड़ रुपए का किराया बकाया
- by admin
- Sep 12, 2023
मुंबई, मुंबई में झोपड़पट्टी पुनर्वसन का काम करने वाली स्लम पुनर्विकास प्राधिकरण (एसआरए) काम वैâसे करेगा? क्योंकि उसका विभिन्न योजनाओं में करीब ६५० करोड़ से अधिक का किराया बकाया है। जिसके बाद डिफॉल्ट डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का पैâसला हाल ही में एसआरए ने एक सर्वुâलर जारी करके लिया है। इस निर्णय को प्राधिकरण द्वारा सख्ती से लागू किया जा रहा है और डिफॉल्ट डेवलपर्स को नई परियोजनाओं की अनुमति नहीं दी जा रही है। स्लम पुनर्विकास प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हाल ही में दो बड़े बकायेदार डेवलपर्स को पहले किराया वसूलने के बाद ही अनुमति दी गई थी।
बताया जाता है कि इस समय विभिन्न डेवलपर्स पर ६५० करोड़ रुपए का किराया बकाया है और इसे वसूलने के लिए प्राधिकरण ने सभी कार्यकारी इंजीनियरों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही झुग्गी-झोपड़ी धारकों के किराए की शिकायतों से निपटने के लिए २७ नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। अब तक इन अधिकारियों को विभिन्न विभागों से करीब ७५० शिकायतें मिल चुकी हैं। प्राधिकरण द्वारा १ अगस्त को एक परिपत्र जारी किया गया था, उच्च न्यायालय ने भी किराए के बकाया के लिए प्राधिकरण को फटकार लगा चुका है।
डेवलपर्स द्वारा झुग्गीवासियों द्वारा किराए का भुगतान न करने की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने के संकेत दिए गए हैं। स्लम पुनर्वास प्राधिकरण द्वारा १ अगस्त को जारी एक परिपत्र के अनुसार, डेवलपर को दो साल का अग्रिम किराया और शेष अवधि के लिए एक पोस्ट-डेटेड चेक जमा करने के लिए कहा गया है। यह सर्वुâलर नई और संशोधित योजनाओं पर लागू होगा। साथ ही डिफॉल्टर डेवलपर्स को नोटिस भी जारी किया गया है। यदि डेवलपर किराए का भुगतान करने में विफल रहता है तो सेल घरों के लिए स्टॉप-वर्क जारी किया जाता है। प्रोजेक्ट में देरी होने पर डेवलपर को हटाने की कार्रवाई की जाती है। उनकी जगह दूसरे डेवलपर को नियुक्त किया जाता है। साथ ही जब तक रहवासियों को पूरा किराया नहीं दिया जाता, तब तक किसी भी नई परियोजना की अनुमति नहीं दी जाएगी।

रिपोर्टर
admin