सांचौर में पर्युषण पर्व का समापन
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- Sep 09, 2024
जैन समाज के लोगों ने निकाली चैत्य परिपाटी, मंदिर में की पूजा अर्चना
सांचौर शहर के तपागच्छ आराधना भवन से सोमवार को साध्वी सम्पूर्णा श्री महाराज की निश्रा में चैत्य परिपाटी निकाली गई, जो विभिन्न मंदिरों में परमात्मा के दर्शन कर कुंथुनाथ मंदिर जैन भोजन शाला में संपन्न हुई। तपागच्छ जैन संघ के व्यवस्थापक सज्जन शर्मा ने बताया कि चैत्य परिपाटी तपागच्छ आराधना भवन स्थित तपागच्छ महावीर स्वामी मंदिर में भगवान के दर्शन पूजा सेवा कर वासपूज्य स्वामी मंदिर में दर्शन पूजा सेवा कर मोटा महावीर स्वामीजी मंदिर में परमात्मा की चावल से गुवाली साखीया कर फल मेवा नैवेद्य से पूजा अर्चना की।
इसके बाद कुंथुनाथ मंदिर में प्रवचन के बाद चैत्य परिपाटी का समापन किया गया। इस दौरान साध्वी श्रुतधरा श्री मा.सा.ने कहा कि परम पूज्य आचार्य भगवंत लक्ष्मीसुरी महाराज ने श्रावक जीवन के आध्यात्मिक सौंदर्य जैसा पांच कर्तव्य बताएं। पहला अमारी प्रवर्तन, दुसरा साधर्मिक भक्ति, तीसरा क्षमापन, चौथा अटृम तप व पांचवा महत्त्व का कर्तव्य चैत्य परिपाटी बताया है।
उन्होंने कहा कि पुण्य से भगवान मिलते हैं। प्रज्ञा से भगवान की पहचान होती हैं। प्रेम से भगवान अच्छे लगते हैं पुरुषार्थ से भगवान से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। परमात्मा स्मरण से जीवन में दुर्गुण का नाश होता है। भगवान को अपनी ओर आकर्षित करने वाला व्यक्ति को परमात्मा के दर्शन का लाभ मिलता है। प्रवचन के बाद लाभार्थी शाह दिलिप कुमार भीमराज छाजेड़ परिवार द्वारा श्रावक-श्राविकाओं के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर श्री तपागच्छ ट्रस्ट मंडल के सदस्य पारसमल चंदन, पवन कुमार चंदन, घेवरचंद बुरड़, सेठ मांगीलाल बुरड़, धवल चंद संघवी, विनोद गोकलानी, भंवरलाल घोड़ा, तपस्वी हरीश सेठ, मोहनलाल बोकड़िया, अशोक सेठ, महेन्द्र बुरड़, सतीश मेहता, बाबूलाल सवाणी, कमलेश मुथा व राकेश मनावत सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। वहीं कार्यक्रम का संचालन दिनेश शाह ने किया।
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