सुप्रीम कोर्ट को केंद्र ने दिया फांसी के विकल्प सोचने का भरोसा
- by admin
- May 03, 2023
नई दिल्ली, ‘सजा-ए-मौत’ यानी व्यक्ति की दुनिया से विदाई। खतरनाक अपराधियों को यह सजा दी जाती है। मगर इस क्रूर सजा के खिलाफ दुनिया के अलग-अलग देशों में आवाजें भी उठती रहती हैं। कई देशों ने मौत की सजा को खत्म कर दिया है। मगर हिंदुस्थान समेत ५० से भी ज्यादा देशों में ये लागू है। हिंदुस्थान में अपराधी को फांसी के फंदे से लटकाकर मारा जाता है। अब यहां सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि फांसी की सजा काफी तकलीफदेह होती है इसलिए फांसी के विकल्प में किसी अन्य तरीके से मौत की सजा दी जाए।
बता दें कि कल सुप्रीम कोर्ट में मौत की सजा के विकल्प वाली याचिका पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने कहा कि कि वो मौत की सजा पाने वाले दोषियों को फांसी के अलावा और भी तरीकों पर विचार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने पर विचार कर रही है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पादरीवाला की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी पेश हुए थे। उन्होंने बताया कि सरकार इस पर एक कमेटी गठित करने का विचार कर रही है। एजी ने बताया कि कमेटी में किन नामों को शामिल किया जाएगा, इस पर अभी विचार किया जा रहा है। कुछ समय बाद ही वो जवाब दे पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने भी इसमें सहमति जताते हुए कहा कि समिति गठित होने की प्रक्रिया पर विचार हो रहा है। अब गर्मी की छुट्टी के बाद सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।
दुनिया के ५८ देशों में मौत की सजा के लिए फांसी दी जाती है, जबकि ७३ देशों में गोली मारकर मौत की सजा दी जाती है। हिंदुस्थान सहित ३३ देशों में सिर्फ एक ही तरह से मौत की सजा दी जाती है और वो है फांसी। दुनिया के छह देशों में पत्थर मारकर मौत की सजा दी जाती है। ये तो और भी भयानक है। पांच देशों में इंजेक्शन देकर मौत दी जाती है। तीन देशों में तो सिर कलम कर दिया जाता है। दुनिया के लगभग ९७ देश फांसी की सजा को समाप्त कर चुके हैं।
साल २०१७ में एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की थी। इसमें मांग की गई कि फांसी से मौत की सजा देना बहुत दर्दनाक होता है। इसमें तड़प-तड़प कर मौत होती है। इसकी बजाय मौत की सजा देने के लिए कोई और तरीका सोचना चाहिए। एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने सरकार को अपनी याचिका में कई तरीकों पर सुझाव दिया है। उन्होंने कोर्ट से कम दर्दनाक तरीके जैसे इंजेक्शन लगाने, गोली मारने, करंट लगाने या गैस चैंबर का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
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