3 दिन छोड़ दें मैदा शरीर दिखाएगा ये 8 कमाल!
- by admin
- Oct 09, 2024
डेली डाइट में ब्रेड, बिस्कुट, पैस्ट्रीज, केक सब मजे से खाए जाते हैं लेकिन यह सब चीजें मैदा से तैयार की जाती है और ये मैदा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है जो आपके शरीर के लिए बिलकुल भी फायदेमंद नहीं है क्योंकि मैदा या रिफाइंड आटा, पेट में जाकर तेजी से ग्लूकोज में बदल जाता है जो शुगर को बढ़ा देता है।
क्यों नहीं खाना चाहिए मैदा? (Say No to Maida)
डॉक्टरों के अनुसार, मैदा जो कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड है, जिसका शरीर को कोई फायदा नहीं होता बल्कि कई नुकसान होते हैं क्योंकि मैदे में फाइबर बिलकुल नहीं होता और फाइबर के बिना कोई भी चीज बेजान हो जाती है। इससे आपके शरीर को मोटापा, डायबिटीज और कई तरह की क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए यदि आप एक या दो महीने तक मैदा का सेवन नहीं करेंगे तो शरीर में कई तरह के फायदे देखेंगे। आइए जानते हैं मैदा नहीं खाने के सेहत को कौन-कौन से फायदे होते हैं।
अगर आप सिर्फ 3 दिन के लिए मैदा (रिफाइंड आटा) छोड़ देते हैं, तो आपके शरीर में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मैदा अत्यधिक प्रोसेस्ड और पोषक तत्वों से रहित होता है, और इसे
छोड़ने से स्वास्थ्य पर कई सकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।
ब्लड शुगर कंट्रोल
अगर आप मैदा नहीं खाएंगे तो सबसे पहला प्रभाव डायबिटीज पर पड़ेगा। आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा। मैदा या रिफाइंड आटा पेट में जाकर तेजी से ग्लूकोज में बदल जाता है जो शुगर को बढ़ा देता है। मैदा छोड़ने पर ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम हो जाता है। मैदा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) अधिक होता है, जो शरीर में ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। इसे खाने से अचानक से ऊर्जा में उतार-चढ़ाव होता है। मैदा छोड़ने पर आपका ब्लड शुगर स्तर स्थिर रहेगा।
फायदा: ज्यादा स्थिर ऊर्जा महसूस होगी, और थकान कम लगेगी।
मजबूत पाचन तंत्र
मैदा में फाइबर की कमी होती है, जिससे पाचन तंत्र में समस्या हो सकती है, जैसे कब्ज और गैस। इसे छोड़ने से आपका पाचन तंत्र बेहतर काम करेगा। मैदा की जगह साबुत गेंहू, बादाम का आटा, नारियल का आटा या मोटे अनाज के आटे से बनी रोटियों का सेवन करें।
फायदा: पेट हल्का महसूस होगा और कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है।
वजन कंट्रोल
मैदा में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, लेकिन पोषक तत्व कम होते हैं। आप मैदा की जगह मिलेट या मोटे अनाज का सेवन करेंगे तो इसमें फाइबर की उच्च मात्रा देर तक भूख नहीं लगने देगी, जिससे वजन कंट्रोल रहेगा।इसे छोड़ने से शरीर में कम अनावश्यक कैलोरी जाएगी, जिससे वजन घटने में मदद मिलेगी।
फायदा: वजन कम करने में मदद मिलेगी, खासकर पेट की चर्बी।
त्वचा चमकदार और स्वस्थ
मैदा का सेवन त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह रक्त शर्करा को प्रभावित कर शरीर में सूजन और मुंहासों को बढ़ावा दे सकता है। इसे छोड़ने से त्वचा पर सुधार दिख सकता है।
फायदा: त्वचा साफ और चमकदार महसूस हो सकती है, मुंहासे कम हो सकते हैं।
सूजन और ब्लोटिंग ठीक होगी
मैदा, सूजन का कारण बन सकता है, जिससे शरीर में भारीपन और सूजन महसूस हो सकती है। इसे आहार से हटाने से शरीर की सूजन कम हो सकती है। इंफ्लामेशन यानी सेल्स में जब सूजन होती है तो फ्री रेडिकल्स बढ़ता और इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ जाता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के कारण मोटापा, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सहित कई क्रोनिक बीमारियां होती है। मैदा नहीं खाएंगे तो इन क्रोनिक बीमारियों का खतरा कम हो जाएगा।
फायदा: शरीर में हल्कापन और आराम महसूस होगा।
एनर्जी बढ़ेगी
मैदा छोड़ने से शरीर में एनर्जी का स्तर बढ़ता है। मैदा शरीर में एनर्जी रिलीज़ को रोकता है। इसे हटाने पर आपका शरीर अधिक पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थों को ग्रहण करेगा, जिससे आपको अधिक स्थिर और स्फूर्तिवान महसूस होगा।
फायदा: मानसिक और शारीरिक ऊर्जा में वृद्धि होगी।
मूड में सुधार
ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव से मस्तिष्क पर प्रभाव पड़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन या सुस्ती हो सकती है। मैदा छोड़ने से आपका मूड स्थिर और सकारात्मक हो सकता है।
फायदा: मूड बेहतर होगा और मानसिक स्पष्टता में सुधार होगा।
इम्यूनिटी बढ़ेगी
मैदा पोषक तत्वों से रहित होता है और ज्यादा खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इसे छोड़ने से पोषण बेहतर होगा और आपकी इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलेगी आप जल्दी बीमार नहीं होंगे।
मैदे की जगह पर क्या खाएं?
मैदे की जगह पर आप साबुत गेहूं, बादाम का आटा, नारियल का आटा, ब्राउन राइस का आटा, मोटे अनाज के आटे से बनी रोटियां, ज्वार, मिलेट, बाजरा, रागी आदि खाएं।
नोटः 3 दिन में ही इन सुधारों को महसूस करना शुरू किया जा सकता है, लेकिन लंबे समय तक मैदा से परहेज करना आपके स्वास्थ्य को और भी अधिक लाभ पहुंचाएगा।
गड़बड़ा सकती है पाचन प्रक्रिया डाइटरी फाइबर नहीं होने के चलते मैदा बहुत चिकनी और महीन होती है। इसलिए, जब कोई इसका सेवन करता है, तो यह पूरी तरह पच नहीं पाती है और इसका कुछ हिस्सा आंतों में चिपक जाता है। इस कारण कब्ज और अन्य पाचन संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं।दिल के लिए ठीक नहीं है मैदा अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं तो मैदा से बनी चीजें खाने से परहेज करें। मैदा खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है। साथ ही रक्त में ग्लूकोज जमने लगता है। इतना ही नहीं यह शरीर में केमिकल रिएक्शन पैदा कर सकता है, जिससे गठिया, मोतियाबिंद और दिल से संबंधित बीमारी हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं के लिए है खतरनाक मैदा में खतरनाक रसायन जैसे बेंजोइक एसिड और सोडियम मेटा बाय-सल्फेट होते हैं, जो बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए गहन जोखिम का कारक हो सकता है। साथ ही थायराइड वालों को भी मैदा का सेवन नहीं करना चाहिए।
मैदा को करें रिप्लेस डायटीशियन डॉ. रीमा ने बताया कि अगर आप मैदा की जगह गेहूं, ज्वार, मिलेट, बाजरा और रागी का सेवन करते हैं, तो आपको विटामिन, आयरन और अन्य पोषक तत्व मिलेंगे। ये अनाज डाइजेस्ट आसानी से हो जाते हैं। साथ ही आपका एनर्जी लेवल संतुलित रखते हैं, जबकि मैदा में कोई न्यूट्रिशन नहीं होता है।
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